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मधुमेह रोगियों के लिये 15 डायट टिप्स

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मधुमेह के रोगी का भोजन केवल पेट भरने के लिए ही नहीं होता, उसके शरीर में ब्लड शुगर की मात्रा को संतुलित रखने में भी सहायक होता है। चूंकि यह रोग मनुष्य के साथ जीवन भर रहता है इसलिए जरूरी है कि वह अपने खानपान पर हमेशा ध्यान रखे। आमतौर मरीज ब्लडशुगर की नार्मल रिपोर्ट आते ही लापरवाह हो जाता है। मधुमेह के मरीज के मुंह में गया हर कौर उसके स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। इसलिए जो भी खाएं सोच समझ कर खाएं।
अगर आप प्री-डायबिटिक या आपके घर में किसी को डायबिटीज की बीमारी है तो सावधान हो जयिये भले ही डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए आप संतुलित भोजन करे लेकिन भारतीयों के लिए डायबिटीज में कार्बोहाईड्रेट, फैट्स और प्रोटीन का रेश्यो 60:20:20 के अनुपात में होनी चाहिए। डायबिटीयोलोजिस्ट और पोषण विशेषज्ञ के तरफ से ये है मधुमेह के रोगियों के लिए 15 फ़ूड टिप्स

  1. मेथी एक चम्मच मेथी को पूरी रात 100 मिलीलीटर पानी में भिगो दे और फिर सुबह खाली पेट इस पानी को पिए इससे डायबिटीज कंट्रोल रहती है।
  2. टमाटर का रस हर सुबह खाली पेट टमाटर के रस में नमक और काली मिर्च मिलकर पिए
  3. भिगोया बादाम रोज़ 6 बादाम (रात भर पानी में भिगो कर) का सेवन भी मधुमेह पर नियंत्रण रखने में सहायक है।
  4. भोजन की सूची जिसे आप घर या बहार भोजन करते वक्त ध्यान में रख सकते है साबुत अनाज, जई, चना आटा, बाजरा और अन्य उच्च फाइबर खाद्य पदार्थ भोजन में शामिल किये जाने चाहिए। अगर आपको पास्ता या नूडल्स खाने का मान है तो इसे हमेश हरी सब्जी या अंकुरित सब्जी के साथ ही खाए।
  5. दूध दूध में कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन अच्छी मात्रा में पाए जाते है, और यह ब्लड शुगर को भी कंट्रोल करता है। इस लिए रोज़ दो गिलास दूध जरुर पिए।
  6. उच्च फाइबर वाली सब्जियाँ उच्च फाइबर सब्जियाँ जैसे मटर, सेम, ब्रोकोली, पालक और पत्तेदार सब्जियां आपने आहार में शामिल करे। इसी तरह दाल और स्प्राउट्स भी एक स्वस्थ विकल्प है।
  7. दाल आपके आहार के लिए बहुत जरुरी है क्यों की यह ब्लड ग्लूकोज लेवल पर काम असर डालता है, अन्य कार्बोहाइड्रेट युक्त खाद्य पदार्थों की तुलना में। इसी प्रकार ब्लड शुगर लेवल को कम रखने में फाइबर बहुत मदद करता है इस लिए फाइबर युक्त सब्जियों को आपने भोजन में शामिल करे और स्वस्थ रहे है।
  8. ओमेगा -3 ओमेगा -3 और मोनोसाचूरेटेड जैसे फैट्स का सेवन किया जाना चाहिए क्योंकी यह स्वास्थ के लिए अच्छा होता है। इन के लिए प्राकृतिक स्रोतों का तेल जैसे सन बीज का तेल, वसायुक्त मछली और बादाम के तेल का प्रयोग करना चाहिए। इन तेलों में कम कोलेस्ट्रॉल होता है और ट्रांस फैट भी नहीं होता है।
  9. फाइबर वाले फल पपीता, सेब, संतरा, नाशपाती और अमरूद जैसे फलों का सेवन करना चाहिए क्यों की इनमें अच्छी मात्रा में फाइबर पाया जाता है। और आम, केले, और अंगूर जैसे फलों का कम सेवन करना चाहिए क्यों की इनमें चीनी की मात्रा ज्यादा पाई जाती है।
  10. छोटे-छोटे अंतराल में भोजन करें एक बार में ज्यादा खाना खा लेने से शरीर में ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है। इस लिए छोटे-छोटे अंतराल में भोजन करे जिससे ना आपका एक दम से हाई ब्लड शुगर लेवल हो और न लो। इसके लिए पूरे दिन थोड़ा-थोड़ा आहार लेते रहे जैसे ढोकला, फल, हाई फाइबर कुकीज़, मक्खन दूध, दही, उपमा / पोहा आदि।
  11. मिठाई से बचे ,मधुमेह के रोगी को लो कार्बोहाइड्रेट, हाई फाइबर और जिन में प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स हो ऐसा आहार खाना चाहिए और वसायुक्त खाद्य पदार्थों और मिठाई से बचना चाहिए। इसे साथ उन्हें दिन में 5 बार थोड़ा-थोड़ा भोजन करना चाहिए।
  12. खूब पानी पिए
  13. शराब का सेवन कम करें
  14. क्या नॉन-वेज खाना चाहिए?

मांसाहारी आहार में सी-फ़ूड और चिकन खाना चाहिए और लाल मांस(रेड मीट) से बचना चाहिए क्यों की इसमें उच्च मात्रा में सैचरैटड फैट पाया जाता है। इसके अलावा, हाई कोलेस्ट्रॉल के रोगियों को एग योक और लाल मांस से बचना चाहिए।

मधुमेह रोगियों के लिये डायट टिप्

 

भारतीयों में मधुमेह के रोगियों के आहार में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और वसा शामिल होना चाहिए। जिससे एक संतुलित और पौष्टिक आहार का सेवन करने से आपका स्वास्थ भी अच्छा रहेगा। व भोजन में विकल्प ज्यादा मिल सकते हैं जिससे आपका भोजन वैरायटी वाला हो सकता है और बोरियत भी नहीं होगी।

प्रोटीन 

शरीर में उत्तकों, मांसपेशियों और रक्त जैसे महत्वपूर्ण द्रव्यों का निर्माण, संक्रमण का सामना करने के लिए इन्जाइम और रोग प्रतिकारक तत्वों के विकास में सहायता।

स्रोत :- ताजा या सुखाया हुआ दूध, पनीर, दही, तिलहन और गिरी, सोयाबीन, खमीर, दालें, मांस, कलेजी, मछली, अण्डे और अनाज।

वसा 

शक्ति के संकेिन्द्रत स्रोत का काम करना और घुलनशील विटामिनों की पूर्ति करना।

स्रोत : मक्खन, घी, वनस्पति तेल और वसा, तिलहन और गिरी, मछली का तेल और अण्डे की जर्दी।

कार्बोहाइड्रेट 

शरीर को शक्ति प्रदान करना।

स्रोत : अनाज, बाजरा, कन्दमूल जैसे कि आलू, चुकन्दर, अरवी

, टेपिओका आदि और चीनी तथा गुड़।

प्रोटीन

प्रोटीन विशेषकर अनाज, दूध, मांस, मछली और अंडे में मिलते हैं। प्रोटीन पचने पर एमिनो-अम्ल में परिवर्तित हो जाते हैं। इन एमिनो-अम्लों का फिर से संश्लेषण करके शरीर अपने लिए अन्य उपयुक्त प्रोटीन तैयार करता है। मनुष्य का शरीर कुछ ऐमिनो-अम्ल तो आहार से बना लेता है, किंतु कतिपय अन्य ऐसे अम्लों को वह नहीं बना सकता। ये एमिनो-अम्ल मनुष्य वनस्पति और जंतुओं के शरीर से प्राप्त करता है। कुछ प्रोटीन शरीर के लिए अत्यावश्यक होते हैं। उनको श्रेष्ठ या प्रथम श्रेणी का प्रोटीन कहा जाता है। ये प्रोटीन विशेषकर जंतुओं से प्राप्त होते हैं। इनमें प्रथम स्थान दूध का है। अंडा, मांस, मछली में भी प्रथम श्रेणी के प्रोटीन हैं। इनका काम शरीर के अवयवों को बनाना है। इनका कुछ भाग शरीर को शक्ति और गर्मी भी प्रदान करता है।

कार्बोहाइड्रेट

यह अवयव मुख्यत: वनस्पति से प्राप्त होता है। चीनी या शर्करा शुद्ध कार्बोहाइड्रेट है। ग्लूकोज़, लेब्युलाज़, मालटोज़ और लैटकोज़ शर्करा के ही प्रकार हैं, अतएव ये भी शुद्ध कार्बोहाइड्रेट हैं। ग्लाइकोजेन तथा श्वेतसार (स्टार्च) भी संपूर्ण कार्बोहाइड्रेट हैं। सब प्रकार के कार्बोहाइड्रेट पाचनक्रिया द्वारा अंत में ग्लूकोज़ में परिवर्तित हो जाते हैं। सेल्यूलोज़ पर पाचक रसों की क्रिया नहीं होती। ग्लूकोज़ शरीर में ईधंन का काम करता है। इसकी उसे प्रत्येक क्षण आवश्यकता रहती है, क्योंकि पेशियों में सदा ही संकोच तथा शिथिलता होती रहती है। जो ग्लूकोज़ बच जाता है, वह पेशियों और यकृत में ग्लाइकोजेन के रूप में संचित हो जाता है और पेशियों के काम करने के समय फिर से ग्लूकोज़ में परिवर्तित होकर, भिन्न-भिन्न प्रकिण्वों (एनज़ाइमों) और आक्सीजन की सहायता से ऊष्मा उत्पन्न करता है और ऊर्जा के रूप में पेशियों को काम करने के योग्य बनाता है।

वसा

तेल, घी, मक्खन इत्यादि शुद्ध वसा (Fat) हैं। मांस और अंडे तथा वानस्पतिक पदार्थों में भी वसा रहती है, विशेषकर शुष्क फलों में, जैसे बादाम, अखरोट, काजू और मूँगफली आदि में। वसा का काम भी शरीर में ऊष्मा और ऊर्जा पैदा करना है। कार्बोहाइड्रेट की अपेक्षा वसा में ढाई गुना आधिक शक्ति होती है। कुछ वसा-अम्ल शारीरिक पोषण के लिए महत्वपूर्ण हैं। वे ‘नितांत आवश्यक वसा-अम्ल’ कहलाते हैं।

 

 

Indian Diet Plan For Diabetes

 

Meal/Time Menu Quantity
Early morning Nuts:        Almonds        Walnuts  6-71-2
Breakfast Oat flakes +MilkEgg sandwich(multigrain bread)/Vegetable oats + MilkVegetable stuffed roti + Curd/

Besan cheela + Toast

1 bowl2 slices1  bowl and 1 glass1 and ½ bowl

2

Mid morning Fruits:     Papaya     Buttermilk/Coconut water  1 bowl1 glass
Lunch  Chapatis/Brown riceVegetable +Curd/Dal/Paneer/Chicken+ Salad 1-2/1 bowl1 bowl1 bowl1 bowl
Evening FruitRoasted chana and murmura chat /Vegetable Idli /Dhokla 11 bowl2-32-3
Dinner Vegetable soupChapatiVegetableDal/ Chicken

Green Salad

1 bowl11 bowl1 bowl

1 bowl

 Bed Time  Milk  1 glass

This meal plan provides around 1600-1800 calories for a day.

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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